धृपद
हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की सर्वाधिक प्राचीन एवं गंभीर गायन शैली
धृपद भारतीय संगीत की वह गौरवशाली परंपरा है जिसमें स्वर, लय और साधना का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। इसकी प्रस्तुति गंभीर, ध्यानमय तथा आध्यात्मिक होती है। धृपद में राग का विस्तार अत्यंत धैर्य और अनुशासन के साथ किया जाता है, जिससे श्रोता संगीत की गहराइयों का अनुभव कर सके।
धृपद की विशेषताएँ
• स्वर की शुद्धता एवं स्थिरता
• विस्तृत और गंभीर आलाप
• राग का क्रमबद्ध विकास
• पखावज की गरिमामयी संगति
• आध्यात्मिक एवं ध्यानपूर्ण अभिव्यक्ति
"धृपद केवल संगीत नहीं, यह स्वर के माध्यम से आत्मा की यात्रा है।"
वेदांग बी. धाराशिवे
ग्राम संगीत सभा, आलमला
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