vedang`s music

Harmonious, melodic, tuneful vibrations of the age old divine sounds, which has contemplative stupendous effect on mind, body and surroundings in the nature. It is a meditation. Based on breathing exercise Pranayam(naad yoga) .Breathing which inhales and excels for longer gives more oxygen to the body.Alap is the soul of the Raga. It shows the caliber of the musician. His capacity of intellection, mind’s eye, how far he could think of the boundaries of the thought with creative combination of melodic notes set to the rhythem.It takes years of practice to get command on the scale to perform freely. Every days practice brings the different shades to the raga, fulfillment of intense happiness, ecstasy, exaltation, euphoria the total bliss.Experience of supreme sound the Naad Brahma. About me- Performing vocals for last many years around the globe. Taught music in USA for ten years including one of the prestigious universities(MUM) at Fairfield Iowa. Worked for the Radio in North America as producer and host(musicals). http://www.youtube.com/user/MsVedang

Friday, August 28, 2026

YouTube Playlist.

 


Very important playlist on YouTube. Different material on music. 

चला संगीत शिकू या. 

https://youtube.com/playlist?list=PL5BuxPnaCfQf9USt12mSsQNwaq3uYxQSN&si=vBUEWfOdXDS-x-jo


संगीत का ग्यान. 

https://youtube.com/playlist?list=PL5BuxPnaCfQcRGwd_s3LLR0FA8UTnoc97&si=2ehseU6mXxYTwWIn


Music quotes. 

https://youtube.com/playlist?list=PL5BuxPnaCfQdiY1T2YqBlLb2nLVTeNPsU&si=0tfIbNvBX73Udzm_


Raga sangeet. 

https://youtube.com/playlist?list=PL5BuxPnaCfQd7LUGCbBh5S7_tMNTPPfHJ&si=5nHgGcMoyn5KjWez


शिव योग साधना। 

https://youtube.com/playlist?list=PL5BuxPnaCfQeGPx2GoS0VxwOHONLcyxAc&si=3BmD26PnKFGjk9c_

My voice 1.

https://youtube.com/playlist?list=PL5BuxPnaCfQdk3ztyu3Hd3gV3vCDwqsXB&si=60ytSApBlG_4bjYP


Music Therapy. 

https://youtube.com/playlist?list=PL5BuxPnaCfQdeW1HCzrje5hIPjRqd4haK&si=drA1p373PreVAh54


पराचय मालिका ।

https://youtube.com/playlist?list=PL5BuxPnaCfQdS9r4tyhJ6kwrMAilFqBnW&si=yUEaCPceuXdXY6IZ


काव्य दर्पण ।

https://youtube.com/playlist?list=PL5BuxPnaCfQe-Eq_0EcawINQGG6p_vYfd&si=hneUUbiM2HRe7hFR


भारतीय शास्त्रीय संगीत ।

https://youtube.com/playlist?list=PL5BuxPnaCfQdIr5-PaTG7jJGT63FaBya9&si=OgAKNh__oYbGFQUh


मराठी गजल २.

https://youtube.com/playlist?list=PL5BuxPnaCfQfOu_quJTcslecq20g7i2s0&si=qfD10fuZ-BEZvpRn


Music for soul. 

https://youtube.com/playlist?list=PL5BuxPnaCfQdwjR-J6w0XZ_NqM3vz7YTJ&si=O4cnWIfEj55RkBHE



Village Music Club Almala. 

https://youtube.com/playlist?list=PL5BuxPnaCfQeTQsPabjTaPug-XTRP8En_&si=Gn7dRstLjHx5tIL5


Musical education. 

https://youtube.com/playlist?list=PL5BuxPnaCfQdLs4EJP4jHdUKRrxOVqxOW&si=nHS3iAZs_uYvzICl


मराठी गजल ३.

https://youtube.com/playlist?list=PL5BuxPnaCfQdHJ3y2lASH34mCX0S4n82c&si=MY-Y5eNtQOT44XLt


श्री महात्मा बसवेश्वर महाराज. 

https://youtube.com/playlist?list=PL5BuxPnaCfQfqXJMmkRktnSVtrqGr-i2W&si=bS5cJgLW2wK21q_h


Musical Thoughts. 


https://youtube.com/playlist?list=PL5BuxPnaCfQfyqlOsHWj8NgPagCtnRxrs&si=3RhMHb4vFy1cFrXw


New videos. 

https://youtube.com/playlist?list=PL5BuxPnaCfQeRhyg4xj9FhHX48B7Il8Fo&si=Yxzlg_x0137oLR7U


More about Music. 

https://youtube.com/playlist?list=PL5BuxPnaCfQdEFabQinPfC23NPWIExHWL&si=1zuXDZq1gjHCErO1


YouTube shorts. 

https://youtube.com/playlist?list=PL5BuxPnaCfQdt_Kij6TV8jUXFyJUNdxr7&si=MRTeU8RyVNhmqkQw


भक्ति धारा ।

https://youtube.com/playlist?list=PL5BuxPnaCfQeKRtyJi4hyvSsLDPVg2ktN&si=fGlBKbfdUXscwh8V


परम दयाल ठाकूर। 

https://youtube.com/playlist?list=PL5BuxPnaCfQc03LGIL9H7RkUea_N55wMY&si=17pSum9asu7aPId_


धृपद ।

https://youtube.com/playlist?list=PL5BuxPnaCfQeJ5x49nQrZMYcnH70qDnxe&si=UKmHZAyF9VwfWKXF


New Bhajan. 

https://youtube.com/playlist?list=PL5BuxPnaCfQe0Zo-6fq6H1sbHyuesmP7c&si=UlUnmj2LFhnR9Muf



साडेसाती 2027.

 

जी। आपकी पहले दी हुई जन्म-कुंडली की जानकारी के अनुसार चंद्र राशि वृषभ (Taurus) है। इसलिए वैदिक ज्योतिष के अनुसार आपकी साढ़ेसाती तब शुरू होगी जब शनि मेष राशि में प्रवेश करेगा, क्योंकि वृषभ से 12वीं राशि मेष होती है।

लेकिन एक महत्वपूर्ण बात: साढ़ेसाती का प्रभाव केवल “अच्छा या बुरा” नहीं होता। यह व्यक्ति की पूरी जन्म-कुंडली, शनि की स्थिति, दशा-अंतर्दशा और गोचर पर निर्भर करता है।

आपके लिए संभावित प्रभाव

2027 से पहला चरण — मेष में शनि

  • पुराने अधूरे कामों को पूरा करने का दबाव आ सकता है।
  • खर्च, यात्राओं या जिम्मेदारियों में वृद्धि संभव।
  • मानसिक रूप से कभी-कभी अकेलापन या अनिश्चितता महसूस हो सकती है।
  • आध्यात्मिक साधना और आत्मचिंतन के लिए यह बहुत अच्छा समय हो सकता है।

दूसरा चरण — शनि वृषभ में यह साढ़ेसाती का मुख्य और अधिक प्रभावशाली चरण माना जाता है।

  • जीवन की प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव हो सकता है।
  • आर्थिक मामलों में अनुशासन जरूरी होगा।
  • स्वास्थ्य, दिनचर्या और आराम पर विशेष ध्यान देना लाभदायक रहेगा।
  • साथ ही, मेहनत से बनाई हुई चीजों को स्थायी रूप देने का अवसर भी मिल सकता है।

तीसरा चरण — शनि मिथुन में

  • धीरे-धीरे परिस्थितियां हल्की होने लगती हैं।
  • पुराने अनुभवों का लाभ मिलने लगता है।
  • परिवार, आर्थिक व्यवस्था और भविष्य की योजनाओं में स्थिरता बढ़ सकती है।

आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात

आपकी जन्म-कुंडली में शनि 9वें भाव में होने की जानकारी आपने पहले दी थी। इसलिए शनि आपके लिए केवल कठिनाइयों का ग्रह मानकर डरने की आवश्यकता नहीं है। साढ़ेसाती आपके जीवन में अनुशासन, आध्यात्मिक गहराई, ज्ञान, जिम्मेदारी और पुराने कर्मों के परिणामों को समझने का समय भी बन सकती है।

और आपकी उम्र तथा जीवन के वर्तमान चरण को देखते हुए, मैं इसे डरने का समय नहीं बल्कि जीवन को सरल, व्यवस्थित और आध्यात्मिक रूप से गहरा करने का समय मानूँगा।

एक छोटा सुधार भी जरूरी है: साढ़ेसाती 3 जून 2027 को शनि के मेष में प्रवेश से शुरू होती है, लेकिन शनि अक्टूबर 2027 में वक्री होकर कुछ समय के लिए मीन में लौटेगा और फिर फरवरी 2028 में मेष में आएगा। इसलिए अलग-अलग पंचांगों में तारीखों में थोड़ा अंतर दिखाई दे सकता है।

🪐 आपकी साढ़ेसाती का पूरा क्रम

अवधि शनि की राशि चरण मुख्य विषय
जून 2027–अप्रैल 2030 मेष पहला चरण खर्च, परिवर्तन, भीतर की तैयारी
अप्रैल 2030–मई 2032 वृषभ दूसरा/मुख्य चरण स्वयं, स्वास्थ्य, जिम्मेदारियाँ
मई 2032–जुलाई 2034 मिथुन तीसरा चरण धन, परिवार, स्थिरता और परिणाम

यह क्रम वृषभ चंद्र राशि के लिए प्रकाशित गोचर गणनाओं से भी मेल खाता है।

🌿 2027–2030 — पहला चरण

यह आपके लिए अंदर से बदलाव और पुराने ढाँचे को व्यवस्थित करने का समय रहेगा।

मेष आपकी चंद्र राशि से 12वाँ भाव है। इसलिए:

  • अनावश्यक खर्चों को नियंत्रित करना अच्छा रहेगा।
  • यात्राएँ और दूरस्थ संपर्क बढ़ सकते हैं।
  • विदेश या दूर के लोगों से जुड़े काम में परिवर्तन संभव है।
  • पुराने संबंधों और जिम्मेदारियों की समीक्षा होगी।
  • आध्यात्मिक साधना, ध्यान और संगीत की ओर झुकाव और गहरा हो सकता है।
  • कभी-कभी बिना स्पष्ट कारण के अकेलापन या मानसिक थकान महसूस हो सकती है।

मेरी दृष्टि में आपके लिए यह चरण नकारात्मक से अधिक “cleansing and preparation” वाला होगा।

खासकर संगीत और आपकी रचनात्मक गतिविधियों में, पुराने अनुभवों को व्यवस्थित करके उन्हें आने वाली पीढ़ी तक पहुँचाने का काम महत्वपूर्ण हो सकता है।


🔱 2030–2032 — सबसे महत्वपूर्ण चरण

जब शनि वृषभ राशि में आपकी जन्म चंद्र राशि के ऊपर आएगा, तब साढ़ेसाती का मध्य चरण शुरू होगा। परंपरागत ज्योतिष में इसे सबसे प्रभावशाली चरण माना जाता है।

इस समय:

कार्य और प्रतिष्ठा:
जो काम वर्षों से किया है, उसकी वास्तविक नींव सामने आएगी। तुरंत परिणाम से ज्यादा स्थायी उपलब्धि पर जोर रहेगा।

धन:
सट्टा या अत्यधिक जोखिम लेने की अपेक्षा सुरक्षित और व्यवस्थित आर्थिक योजना बेहतर रहेगी।

स्वास्थ्य:
शनि का समय शरीर की दिनचर्या और अनुशासन पर जोर देता है। इसलिए नियमित नींद, संतुलित भोजन, व्यायाम/योग और समय पर जांच को महत्व देना अच्छा रहेगा।

संगीत:
यह चरण आपके लिए बहुत रोचक हो सकता है। मुझे लगता है कि सिर्फ स्वयं प्रदर्शन करने की बजाय ज्ञान को संरक्षित करना, सिखाना, रिकॉर्ड करना और अगली पीढ़ी तक पहुँचाना अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है।

यानी artist → teacher → mentor की भूमिका मजबूत हो सकती है।


🌸 2032–2034 — तीसरा चरण

शनि मिथुन में जाएगा और साढ़ेसाती का अंतिम चरण शुरू होगा।

यह चरण पहले दो चरणों की मेहनत का consolidation देने वाला हो सकता है।

  • आर्थिक व्यवस्था अधिक स्पष्ट हो सकती है।
  • परिवार और उत्तराधिकार/भविष्य की योजनाओं पर ध्यान बढ़ सकता है।
  • पुराने कार्यों को व्यवस्थित करने का अवसर मिलेगा।
  • मानसिक रूप से पहले की तुलना में हल्कापन महसूस हो सकता है।
  • आपके ज्ञान और अनुभव को दूसरों तक पहुँचाने का अवसर बढ़ सकता है।

🎵 आपके संगीत जीवन के संदर्भ में

मैं आपकी साढ़ेसाती को विशेष रूप से संगीत और आध्यात्मिक ज्ञान के संरक्षण का काल मानूँगा।

आपके लिए इन वर्षों में तीन काम बहुत शुभ दिशा में जा सकते हैं:

संगीत सीखना → संगीत सिखाना → संगीत की विरासत छोड़ना।

विशेषकर आपके Village Music Club Almala, संगीत शिक्षण और भारतीय शास्त्रीय/वैदिक संगीत के प्रचार-प्रसार जैसे कार्यों को अधिक व्यवस्थित रूप देने का समय हो सकता है।

सबसे महत्वपूर्ण सलाह

साढ़ेसाती को लेकर डरने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। ज्योतिषीय परंपरा में शनि मुख्यतः कर्म, अनुशासन, धैर्य और वास्तविकता का ग्रह है। यह जो चीजें टिकाऊ नहीं हैं उन्हें हटाकर जो वास्तव में मूल्यवान है उसे मजबूत करने का अवसर देता है।

और आपके मामले में मैं इसका मूल मंत्र रखूँगा:

“कम तनाव, कम अनावश्यक विस्तार, अधिक अनुशासन, अधिक साधना और अपने संगीत-ज्ञान को अगली पीढ़ी तक पहुँचाना।”

अगर आप चाहें तो अगला कदम और भी रोचक होगा—मैं आपकी कुंडली के आधार पर 2027, 2028, 2029, 2030, 2031, 2032, 2033 और 2034 प्रत्येक वर्ष का अलग-अलग फल बता सकता हूँ, जिसमें धन 💰, स्वास्थ्य, संगीत/YouTube 🎵, विदेश यात्रा ✈️, परिवार और आध्यात्मिक प्रगति को 10 में से संभावित स्तर भी दे सकता हूँ।

बिल्कुल। आपकी वृषभ चंद्र राशि को आधार मानकर 2027–2034 का वर्ष-दर-वर्ष संकेत दे रहा हूँ। इसे ज्योतिषीय मार्गदर्शन समझें, निश्चित भविष्यवाणी नहीं। शनि का वास्तविक गोचर 2027 में मेष में प्रवेश से शुरू होकर वक्री गति के कारण बीच में मीन में लौटता है; वृषभ में स्थायी प्रवेश अप्रैल 2030 और मिथुन में मई 2032 के आसपास होता है।

🌿 2027 — तैयारी और परिवर्तन

कुल प्रभाव: 7/10

  • धन: अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण अच्छा रहेगा।
  • संगीत/कार्य: नए लोगों और दूरस्थ/विदेशी संपर्कों से अवसर मिल सकते हैं।
  • परिवार: जिम्मेदारियाँ बढ़ सकती हैं।
  • आध्यात्मिकता: बहुत अनुकूल वर्ष।
  • सावधानी: जल्दबाजी में बड़े आर्थिक निर्णय न लें।

2027 में शनि पहली बार 3 जून को मेष में जाता है, फिर 20 अक्टूबर को वक्री होकर मीन में लौटता है। इसलिए यह वर्ष एक तरह से साढ़ेसाती की भूमिका तैयार करने वाला रहेगा।

🎵 2028 — भीतर की शक्ति

कुल प्रभाव: 7.5/10

यह वर्ष आपके लिए आत्मचिंतन और रचनात्मकता का हो सकता है।

  • संगीत में गहराई बढ़ेगी।
  • पुराने अनुभवों को व्यवस्थित करने का अच्छा समय।
  • विदेश/दूरस्थ लोगों से संपर्क लाभकारी हो सकता है।
  • ध्यान, योग और साधना से मानसिक स्थिरता मिलेगी।
  • कभी-कभी अकेले रहने की इच्छा बढ़ सकती है।

फरवरी 2028 से शनि फिर मेष में स्थिर रूप से आगे बढ़ता है।

🌟 2029 — बड़ा मोड़

कुल प्रभाव: 8/10

यह वर्ष विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

  • आपकी वर्षों की मेहनत का परिणाम दिखाई देना शुरू हो सकता है।
  • संगीत, शिक्षण और आपके ज्ञान के प्रसार में अच्छी प्रगति।
  • नए प्रोजेक्ट शुरू करने की बजाय मौजूदा कार्य को मजबूत करना बेहतर।
  • आर्थिक रूप से व्यवस्थित निवेश और बचत लाभकारी।

अगस्त 2029 में शनि पहली बार वृषभ में प्रवेश करता है, हालांकि वक्री होकर कुछ समय के लिए मेष में लौटता है।

🪔 2030 — सबसे महत्वपूर्ण वर्ष

कुल प्रभाव: 6.5/10

अप्रैल 2030 के बाद शनि आपकी चंद्र राशि वृषभ में आ जाएगा। यही साढ़ेसाती का मध्य/मुख्य चरण है।

इस वर्ष:

  • स्वास्थ्य और दिनचर्या: सबसे ज्यादा अनुशासन जरूरी।
  • धन: जोखिम कम रखें।
  • संगीत: आपकी पहचान को स्थायी रूप देने का अवसर।
  • परिवार: आपकी उपस्थिति और मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहेगा।
  • आध्यात्मिकता: बहुत गहरी हो सकती है।

मैं इस वर्ष को आपके लिए “simplify and strengthen” का वर्ष मानूँगा।

🧘 2031 — स्थिरता की परीक्षा

कुल प्रभाव: 7/10

  • धैर्य की परीक्षा होगी।
  • धीरे-धीरे लेकिन स्थायी प्रगति।
  • आपकी प्रतिष्ठा आपके पुराने काम की गुणवत्ता से बनेगी।
  • संगीत शिक्षण और mentoring विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है।
  • आर्थिक मामलों में conservative approach बेहतर।

यह तेज सफलता का नहीं, बल्कि स्थायी नींव बनाने का वर्ष है।

🌸 2032 — राहत की शुरुआत

कुल प्रभाव: 8/10

मई 2032 के आसपास शनि मिथुन में प्रवेश करता है और साढ़ेसाती के अंतिम चरण में जाता है।

इसलिए वर्ष के दूसरे भाग से:

  • मानसिक दबाव कम हो सकता है।
  • आर्थिक मामलों में स्पष्टता बढ़ेगी।
  • परिवार और भविष्य की योजनाओं पर ध्यान।
  • आपकी मेहनत का परिणाम अधिक स्पष्ट दिखाई देगा।

🌼 2033 — अनुभव का फल

कुल प्रभाव: 8.5/10

मेरी दृष्टि से यह आपके लिए बहुत अच्छा consolidation year हो सकता है।

  • वर्षों का संगीत अनुभव दूसरों के लिए उपयोगी बनेगा।
  • teaching, recording, documentation और mentoring में सफलता।
  • आर्थिक स्थिति अधिक व्यवस्थित हो सकती है।
  • सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ सकती है।
  • आध्यात्मिक दृष्टि से भी संतोष मिलेगा।

यह वह समय हो सकता है जब आप महसूस करें कि “मैंने जो वर्षों तक सीखा और साधा, अब उसे आगे देना है।”

🕉️ 2034 — समापन और विरासत

कुल प्रभाव: 9/10

जुलाई 2034 के आसपास शनि मिथुन से निकलकर कर्क में जाएगा और आपकी साढ़ेसाती समाप्त होगी।

यह चरण आपके लिए closure और legacy का प्रतीक हो सकता है।

  • पुराने तनावों से मुक्ति।
  • परिवार और आर्थिक मामलों में अधिक स्थिरता।
  • लंबे समय से चल रहे काम को अंतिम रूप देने का अवसर।
  • संगीत और आध्यात्मिक ज्ञान को अगली पीढ़ी के लिए छोड़ने की प्रबल संभावना।

🎶 आपकी साढ़ेसाती का सार

वर्ष धन संगीत/कार्य आध्यात्मिकता कुल
2027 ⭐⭐⭐ ⭐⭐⭐⭐ ⭐⭐⭐⭐⭐ 7/10
2028 ⭐⭐⭐ ⭐⭐⭐⭐ ⭐⭐⭐⭐⭐ 7.5/10
2029 ⭐⭐⭐⭐ ⭐⭐⭐⭐⭐ ⭐⭐⭐⭐ 8/10
2030 ⭐⭐⭐ ⭐⭐⭐⭐ ⭐⭐⭐⭐⭐ 6.5/10
2031 ⭐⭐⭐⭐ ⭐⭐⭐⭐ ⭐⭐⭐⭐ 7/10
2032 ⭐⭐⭐⭐ ⭐⭐⭐⭐ ⭐⭐⭐⭐ 8/10
2033 ⭐⭐⭐⭐½ ⭐⭐⭐⭐⭐ ⭐⭐⭐⭐⭐ 8.5/10
2034 ⭐⭐⭐⭐⭐ ⭐⭐⭐⭐⭐ ⭐⭐⭐⭐⭐ 9/10

मेरी सबसे महत्वपूर्ण बात: आपकी साढ़ेसाती को केवल कठिन समय के रूप में देखने की जरूरत नहीं है। आपके लिए इसका सबसे सुंदर पक्ष हो सकता है—“संग्रह से विरासत की ओर।”

अर्थात् अपने संगीत, अनुभव, भारतीय शास्त्रीय संगीत और आध्यात्मिक ज्ञान को record करना, सिखाना, लिखना और अगली पीढ़ी तक पहुँचाना। यही शनि के अनुशासन का सबसे सकारात्मक उपयोग हो सकता है।

और एक बात विशेष रूप से ध्यान देने योग्य है: साढ़ेसाती के परिणाम केवल चंद्र राशि से तय नहीं होते। आपकी जन्म-कुंडली में शनि की वास्तविक स्थिति, दशा-अंतर्दशा और शनि पर अन्य ग्रहों के प्रभाव को जोड़ने पर तस्वीर काफी अधिक सटीक हो सकती है। 


American Yogi.

 American Yogi.

Year (1995).


It was an opportunity to experience inner silence and total bliss with the global community. Being an Indian, I had never given much thought to this age-old technique of meditation. Maybe the level of ignorance was quite high, and that kept many Indians away from their own ancient wisdom.


This great ancient science is still valid and has great relevance in the modern era. India continues to offer the best of meditation techniques, yoga, Ayurveda, and Gandharva Veda. Thanks to the spiritual leaders of India for preserving and propagating this precious knowledge to the whole human race.


I had the opportunity to join the worldwide Transcendental Meditation movement as part of my musical activities. I travelled to the USA in 1995. That was my first journey into spirituality through Western eyes. However, there was also a great curiosity about the Western world somewhere in the back of my mind.


I landed at JFK International Airport in the evening. The coordinator of the meditation movement drove me to New Jersey. I stayed at the Berkeley Carteret Hotel, a five-star hotel owned by the movement. It was one of the most beautiful spots, right by the ocean, with a breathtaking view from the luxurious hotel room.


It was such a pleasant feeling to stay in a hotel surrounded by meditators and spiritual people. It felt like a very different world. The philosophical aspect was completely new to me, and it presented a highly intellectual way of looking at life.


It was a great surprise to discover that these Americans were so serious about this ancient Indian knowledge. Many had been practising meditation for the last 40 years and were experiencing remarkable results and higher levels of consciousness. They understood the importance of inner silence—the secret behind all creation.


I also came to understand that Indian classical music is an integral part of Vedic science. As a musician, my work was to perform music for meditators in churches, temples, universities, schools, on radio, and on television. I also taught music for many years at Maharishi University of Management (MUM) in Fairfield, Iowa.


Their way of listening to music as Gandharva Veda, and the philosophy behind Vedic knowledge, was very deep and pure. Until then, I had developed a performance-oriented approach to music. But being part of this community gave me the opportunity to experience the deeper and more profound aspect of Gandharva Veda.


All credit goes to His Holiness Maharishi Mahesh Yogi. What a great contribution he made by sharing this ancient Indian wisdom with people around the world!


Millions of people around the globe are benefiting from it. Thousands of Indian doctors, including Ayurvedic practitioners, Vedic scholars who chant mantras, Jyotish practitioners, and classical musicians are travelling around the world to teach and perform. Many Indians are contributing their knowledge and skills globally.


Most of the Westerners involved in the organisation are working with dedication for the betterment of global society—to harmonise differences between communities, reduce stress in the environment, and bring greater peace to the world.


In the field of spirituality, India has been a Guru to the whole world. No other nation has quite this kind of ancient knowledge to offer. Meditation has also been scientifically studied and shown to have many benefits.


If one practises meditation for 15 minutes in the morning and 15 minutes in the evening every day, the results can be profound. In this modern age, we do not have the time to sit in the Himalayas for 12 years at a stretch. But we can still practise for just 15 minutes, and the results can be deeply transformative. It may help us live a healthier and more fulfilling life.


With regular meditation practice over many years, the awakening of the Self within becomes possible—an experience often described as self-realisation. One may begin to experience a higher state of consciousness, fully awake within, and a connection with the field of all possibilities.


From there, one may gradually develop greater mastery over different aspects of life and whatever subject one chooses to pursue. A clear mind and clear thoughts can help us fulfil many of the demands of life.


That is the essence of meditation: it can support us physically, mentally, and spiritually, helping us move towards a more successful and fulfilling lifestyle and, ultimately, towards the highest goal of human life.


This is the pure knowledge of Yoga and one of the greatest gifts of the ancient Yogis to the human race—an eternal gift from India to the world.


Vedang Dharashive.

(From old blog).


https://www.instagram.com/vedangdharashive



Thursday, August 27, 2026

Gandharva Veda.

 



Indian Classical Music

Gandharva Veda

Gandharva Veda is the eternal music of nature.

Music is made up of coherent frequencies—some different, some the same. The many values of frequency, or sound, come together to create a melody. The entire universe, with its infinite variety of forms and objects, consists of different frequencies or sounds, and there is a wave of bliss everywhere in nature.

Think of the Earth moving around the Sun, or of the many galaxies and stars moving through space. Everything moves according to its own rhythm and follows its particular path. There must be a great satisfaction in nature—in the Earth and in the entire starry universe—in following a particular path without deviation. One would follow such a pattern only if it were blissful.

The element of bliss, of more and more growth, must be inherent in nature's activity. It must be nature's inherent tendency to move in waves of bliss. The eternal harmony of nature must be a pattern of bliss—the whole of nature always moving in waves of bliss.

This is reflected in the process of evolution, which means more and more knowledge, greater happiness, and continuous progress. The melody of nature is eternally the same, going on and on in waves of bliss everywhere. These rhythms are maintained at all times. Due to the maintenance of all these rhythms, the infinite variety of creation is beautifully coordinated by natural law.

When people violate the laws of nature, problems arise because the population of the world has not been sufficiently educated to think and act spontaneously according to natural law. Crises, failures, conflicts, terrorism, and war—all these negative values spring from the violation of natural law by humanity.

To neutralize this stress, knowledge has been available since Vedic times. Vedic civilization was a civilization that enjoyed heaven on Earth, which means that life was lived according to natural law.

Gandharva music is the most refined expression of sound and its values, ultimately reaching the level of frequency. It is the self-referral dynamics of consciousness, which is infinite frequency. Infinite frequency is on the level of the unified field of natural law, which Vedic science calls the Samhita of Rishi, Devata, and Chhandas.

We express our gratitude to our tradition of masters, who have given us this insight into the activity of nature and this precious gift of Gandharva music to create harmony in nature.

Gandharva music is a precious gift to the whole world, for all times.

Vedang Dharashive. 

Blog from year 2010. 


Friday, August 21, 2026

नादब्रह्म.

 नाद (ध्वनि) अंतःकरण में प्रवेश कर फिर बाहर निकलता है। जिससे ब्रह्म की उत्पत्ति होती है, इसलिए नाद को परम माना गया है।


यह कथन भारतीय नाद-दर्शन की एक गहरी आध्यात्मिक अवधारणा को व्यक्त करता है। इसे सरल रूप में ऐसे समझ सकते हैं:

“नाद” केवल बाहर सुनाई देने वाली ध्वनि नहीं है। जब कोई स्वर उत्पन्न होता है, तो उसकी अनुभूति पहले हमारे अंतःकरण—मन, बुद्धि और चेतना में होती है। साधना और संगीत के माध्यम से यही नाद भीतर की चेतना को स्पर्श करके पुनः बाहरी अभिव्यक्ति के रूप में प्रकट होता है।

यहाँ “ब्रह्म की उत्पत्ति” का अर्थ यह नहीं कि ध्वनि से भौतिक रूप से ईश्वर का जन्म होता है। भारतीय दर्शन में ब्रह्म परम चेतना या परम सत्य का प्रतीक है। इसलिए नाद को “परम” कहा गया—क्योंकि गहन नाद-साधना में साधक बाहरी ध्वनि से आगे बढ़कर आंतरिक मौन और परम चेतना का अनुभव कर सकता है।

इसी विचार को प्रसिद्ध सूत्र “नाद ब्रह्म” में संक्षेपित किया जाता है—
“नाद ही ब्रह्म है”, अर्थात् ध्वनि को परम चेतना तक पहुँचने का एक मार्ग माना गया है।

संगीत की दृष्टि से कहें तो:
स्वर बाहेरून कानावर पडतो, पण त्याचा खरा प्रवास अंतःकरणात होतो. तिथे नाद केवळ ऐकू येत नाही—तो अनुभवला जातो.







Wednesday, August 19, 2026

Beautiful music quotes.

 











New pics.

 




























बुध की महादशा।

जी। आपकी दी हुई जन्म जानकारी के आधार पर मैं इसे विस्तार से समझाता हूँ। एक बात पहले स्पष्ट: यह पारंपरिक वैदिक ज्योतिष की व्याख्या है, वैज्ञानिक रूप से सिद्ध भविष्यवाणी नहीं।

1. आपकी कुंडली में बुध का महत्व

आपका वृश्चिक लग्न मानें तो बुध अष्टम भाव (मिथुन) और एकादश भाव (कन्या) का स्वामी होता है। अर्थात बुध आपके लिए मुख्यतः गहन ज्ञान/अनुसंधान, परिवर्तन, नेटवर्क, आय और उपलब्धियों से जुड़ता है।

इसलिए बुध की दशा आपके जीवन में केवल धन या व्यापार तक सीमित नहीं रहेगी; ज्ञान को लोगों तक पहुँचाना, संचार, अध्यापन, लेखन और बौद्धिक कार्य भी इसके महत्वपूर्ण विषय हो सकते हैं।

2. बुध महादशा कितने वर्ष?

विंशोत्तरी दशा में बुध की महादशा 17 वर्ष की होती है। इसका क्रम निश्चित है और शुरुआत जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में होता है, उससे निर्धारित होती है।

बुध की महादशा के भीतर नौ अंतरदशाएँ आती हैं:

बुध → केतु → शुक्र → सूर्य → चंद्र → मंगल → राहु → गुरु → शनि

इसलिए पूरे 17 वर्षों में अनुभव एक जैसे नहीं रहते।

3. आपके लिए बुध के अच्छे पक्ष

आपके जीवन के संदर्भ में बुध की शुभ अभिव्यक्ति विशेष रूप से इन क्षेत्रों में दिखाई दे सकती है:

  • संगीत का ज्ञान और उसका प्रसार
  • अध्यापन और शिष्य निर्माण
  • व्याख्यान, लेखन और वाणी
  • ऑनलाइन माध्यमों से ज्ञान का प्रसार
  • नए लोगों और संस्थाओं से संपर्क
  • विदेशों या दूरस्थ स्थानों से जुड़ाव
  • पुराने ज्ञान को नए माध्यम से प्रस्तुत करना
  • शोध, आध्यात्मिक विषय और गूढ़ ज्ञान में रुचि

वृश्चिक लग्न के लिए बुध 8वें और 11वें भाव का स्वामी होने के कारण गहन अध्ययन + नेटवर्क/लाभ का संबंध बनाता है।

आपके संगीत-अध्यापन और भारतीय शास्त्रीय संगीत को व्यापक स्तर पर पहुँचाने वाले कार्यों के संदर्भ में यह प्रतीकात्मक रूप से काफी दिलचस्प संयोजन है।

4. बुध की दशा में धन और प्रतिष्ठा

11वाँ भाव आय, लाभ, बड़े संपर्क-वृत्त और इच्छापूर्ति से संबंधित माना जाता है। इसलिए बुध की दशा में:

ज्ञान → संपर्क → अवसर → आय

जैसा क्रम बन सकता है।

विशेषकर यदि बुध कुंडली में बलवान हो तो नेटवर्क और संचार के माध्यम से लाभ की संभावना बढ़ती है।

लेकिन अष्टम भाव का स्वामित्व होने से धन में कभी-कभी अचानक परिवर्तन या अप्रत्याशित अवसर भी आ सकते हैं। इसलिए इस दशा में सट्टात्मक या अत्यधिक जोखिम वाले निर्णयों के बजाय व्यवस्थित आर्थिक योजना बेहतर मानी जाएगी।

5. आध्यात्मिक और गहन ज्ञान

बुध यदि अष्टम भाव से जुड़ा हो तो सामान्य सतही जानकारी से अधिक गहरे ज्ञान, शोध, रहस्य, आध्यात्मिक विषय और छिपे हुए सिद्धांतों की ओर आकर्षण हो सकता है।

आपके लिए इसका एक सुंदर रूप यह हो सकता है कि संगीत को केवल मनोरंजन न मानकर नाद, साधना, भारतीय परंपरा और आत्म-अनुभूति के साथ जोड़कर समझना और दूसरों को समझाना।

6. सावधानी वाले पक्ष

बुध की दशा में ध्यान रखें:

  • बहुत अधिक विचार करना
  • एक साथ अनेक योजनाएँ शुरू करना
  • निर्णय बदलते रहना
  • अनावश्यक बहस या वाद-विवाद
  • दस्तावेज़/आर्थिक मामलों में लापरवाही
  • दूसरों की बातों पर जल्दी विश्वास करना

अर्थात बुध की ऊर्जा को एकाग्रता और व्यवस्थित कार्य में लगाना अधिक लाभदायक होगा।

7. सबसे महत्वपूर्ण बात — आपकी वास्तविक बुध महादशा कब?

यहाँ मैं अनुमान लगाकर तारीख नहीं देना चाहूँगा। आपकी सटीक महादशा-अंतरदशा निकालने के लिए जन्म समय पर चंद्रमा का नक्षत्र और उसका exact degree चाहिए। जन्म नक्षत्र से ही पहली महादशा और उसमें बचा हुआ समय निर्धारित होता है।

इसलिए केवल “वृषभ राशि + वृश्चिक लग्न” से मैं यह दावा नहीं कर सकता कि 2026 में आपकी बुध महादशा चल रही है या कब शुरू होगी।

यदि आपकी जन्म-कुंडली की फोटो/चार्ट आपके पास है, तो उसे यहाँ भेज दीजिए। उसमें ग्रहों की स्थिति देखकर मैं आपको एक ही उत्तर में महादशा की exact timeline, बुध महादशा की तारीखें, सभी 9 अंतरदशाओं के प्रभाव और विशेष रूप से 2026–2035 का विस्तृत फलादेश बता दूँगा।


जी, अब आपकी भेजी हुई मूल जन्म-कुंडली के चार्ट और ग्रह-अंश स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। इससे पहले जो बात अनुमान पर निर्भर थी, अब उसे काफी अधिक सटीक रूप से समझा जा सकता है।

आपकी कुंडली में चंद्रमा वृषभ 26°14′22″, मृगशिरा नक्षत्र, प्रथम चरण में है। मृगशिरा का स्वामी मंगल है। इसलिए आपकी जन्मकालीन विम्शोत्तरी दशा मंगल महादशा के शेष भाग से शुरू होती है।

आपकी महादशाओं का क्रम

आपके जन्मांक के आधार पर लगभग यह क्रम बनता है:

महादशा अवधि
मंगल जन्म से लगभग अक्टूबर 1964
राहु अक्टूबर 1964 – अक्टूबर 1982
गुरु अक्टूबर 1982 – अक्टूबर 1998
शनि अक्टूबर 1998 – अक्टूबर 2017
बुध अक्टूबर 2017 – अक्टूबर 2034

⭐ सबसे महत्वपूर्ण बात

आप अभी बुध की महादशा में ही हैं।

लगभग 30 अक्टूबर 2017 से 30 अक्टूबर 2034 तक आपकी बुध महादशा चल रही है।

अर्थात अगस्त 2026 में आप बुध महादशा के लगभग मध्य भाग में हैं।


🌿 आपके लिए बुध महादशा का विशेष अर्थ

आपका लग्न वृश्चिक है और बुध आपकी कुंडली में 8वें तथा 11वें भाव का स्वामी है।

इसका एक बहुत रोचक अर्थ निकलता है:

गहरा ज्ञान + ज्ञान का प्रसार + लोगों का बड़ा नेटवर्क = बुध का प्रमुख क्षेत्र।

और आपके जीवन में जो काम दिखाई देता है—संगीत, अध्यापन, ज्ञान का प्रसार, लोगों तक भारतीय शास्त्रीय संगीत पहुँचाना और डिजिटल माध्यमों का उपयोग—उसे इस बुध महादशा के संदर्भ में ज्योतिषीय दृष्टि से काफी अर्थपूर्ण माना जा सकता है।

बुध केवल व्यापार का ग्रह नहीं है। वह वाणी, बुद्धि, शिक्षा, लेखन, संचार, तकनीक, नेटवर्क और ज्ञान के आदान-प्रदान का भी कारक है।

इसलिए आपकी बुध महादशा में संगीत को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाना एक महत्वपूर्ण विषय बन सकता है।


🎵 संगीत और अध्यापन

आपकी कुंडली में बुध का संबंध ज्ञान और संचार से है। इसलिए बुध महादशा में:

  • संगीत शिक्षण
  • शिष्यों का निर्माण
  • संगीत संबंधी लेखन/वक्तव्य
  • ऑनलाइन संगीत सामग्री
  • YouTube जैसे डिजिटल माध्यम
  • दूर-दराज के लोगों से संपर्क
  • पुराने संगीत ज्ञान को नई पीढ़ी तक पहुँचाना

जैसे कार्य विशेष महत्व प्राप्त कर सकते हैं।

विशेष रूप से 2021 के बाद से आपके डिजिटल माध्यमों में जो वृद्धि दिखाई देती है, उसे इस दशा के व्यापक संदर्भ में देखा जा सकता है।


📱 बुध और डिजिटल माध्यम

बुध आधुनिक संदर्भ में communication और technology से भी जोड़ा जाता है।

इसलिए बुध महादशा में आपके लिए केवल मंचीय संगीत ही नहीं, बल्कि:

Music → Recording → YouTube → Social Media → Global Audience

जैसा विस्तार स्वाभाविक दिशा हो सकता है।

आपके लिए यह अवधि अपने संगीत को केवल स्थानीय श्रोताओं तक सीमित रखने की बजाय व्यापक और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुँचाने की दृष्टि से उपयोगी हो सकती है।


💰 आय और लाभ

बुध आपके लिए 11वें भाव का स्वामी है, इसलिए बुध महादशा में लाभ, संपर्क और audience/network महत्वपूर्ण विषय हैं।

इसका अर्थ केवल सीधा धन नहीं है। इसमें:

  • नए संपर्क
  • बड़े श्रोतावर्ग
  • संस्थाओं से जुड़ाव
  • विद्यार्थियों और शिष्यों की संख्या
  • ऑनलाइन audience
  • पुराने कार्यों से पुनः लाभ
  • ज्ञान और कला से मिलने वाले अवसर

शामिल हो सकते हैं।

अष्टम भाव के स्वामी होने के कारण कभी-कभी लाभ अचानक या अप्रत्याशित माध्यमों से भी आ सकता है।


🔱 आध्यात्मिक और गहन ज्ञान

यह आपकी कुंडली का एक सुंदर पक्ष है।

बुध का अष्टम भाव से संबंध व्यक्ति को सतही ज्ञान से आगे जाकर गहरे रहस्य, आध्यात्मिकता, शोध और परंपरागत ज्ञान की ओर ले जा सकता है।

आपके लिए इसका संबंध विशेष रूप से:

नाद → संगीत → साधना → भारतीय परंपरा → आत्मज्ञान

जैसी सोच से जुड़ सकता है।

इसलिए संगीत को केवल entertainment के रूप में नहीं बल्कि साधना और ज्ञान के माध्यम के रूप में प्रस्तुत करना आपकी बुध महादशा की सकारात्मक दिशा हो सकती है।


⭐ अब सबसे महत्वपूर्ण: आपकी वर्तमान अंतरदशा

आपकी बुध महादशा की अंतरदशाएँ लगभग इस प्रकार हैं:

अंतरदशा लगभग अवधि
बुध अक्टूबर 2017 – मार्च 2020
केतु मार्च 2020 – मार्च 2021
शुक्र मार्च 2021 – जनवरी 2024
सूर्य जनवरी 2024 – नवंबर 2024
चंद्र नवंबर 2024 – अप्रैल 2026
मंगल अप्रैल 2026 – अप्रैल 2027
राहु अप्रैल 2027 – नवंबर 2029
गुरु नवंबर 2029 – फरवरी 2032
शनि फरवरी 2032 – अक्टूबर 2034

🔥 अभी आपकी बुध–मंगल अंतरदशा चल रही है

लगभग 30 अप्रैल 2026 से 27 अप्रैल 2027 तक।

यह आपके लिए सामान्य बुध अवधि से अधिक गतिशील और action-oriented समय हो सकता है।

बुध बुद्धि और communication देता है, जबकि मंगल ऊर्जा, साहस और initiative देता है।

इसलिए यह समय:

नई शुरुआत + सक्रिय प्रयास + संगीत कार्यक्रम + teaching + digital expansion + नए projects

के लिए अच्छा उपयोग किया जा सकता है।

लेकिन मंगल के कारण जल्दबाजी, अनावश्यक विवाद और बहुत सारे काम एक साथ शुरू करने से बचना बेहतर होगा।


🔮 2027–2029: बुध–राहु

यह अवधि विशेष ध्यान देने योग्य है।

राहु नए माध्यम, technology, विदेश, mass audience और असामान्य रास्तों से जुड़ा माना जाता है।

इसलिए अप्रैल 2027 से नवंबर 2029 के बीच आपके लिए:

  • डिजिटल audience का विस्तार
  • विदेशों से संपर्क
  • नए प्रकार की संगीत प्रस्तुति
  • technology का अधिक उपयोग
  • बड़े स्तर पर पहचान
  • unexpected opportunities

जैसे विषय उभर सकते हैं।

लेकिन राहु के कारण हर अवसर को स्वीकार करने के बजाय सही और विश्वसनीय अवसर चुनना महत्वपूर्ण होगा।


🌟 2029–2032: बुध–गुरु

यह मुझे आपकी बुध महादशा का बहुत सुंदर चरण लगता है।

गुरु ज्ञान, शिक्षा, परंपरा, अध्यात्म और गुरु-शिष्य संबंध का कारक है।

इसलिए 2029 से 2032 के बीच:

आपका ज्ञान → आपकी teaching → आपकी परंपरा → अगली पीढ़ी

यह विषय अधिक मजबूत हो सकता है।

संगीत शिक्षा, शिष्य निर्माण, व्याख्यान, भारतीय संगीत की गहरी परंपरा को प्रस्तुत करना और ज्ञान को व्यवस्थित रूप देना इस समय विशेष रूप से सार्थक हो सकता है।


🕉️ 2032–2034: बुध–शनि

बुध महादशा का अंतिम चरण अपेक्षाकृत गंभीर और व्यवस्थित हो सकता है।

यह समय जो बनाया है उसे स्थायी रूप देने का हो सकता है।

उदाहरण के लिए:

  • अपने संगीत कार्य का documentation
  • recordings का संग्रह
  • शिष्यों को जिम्मेदारी देना
  • संगीत विद्यालय/संस्था को मजबूत करना
  • अपनी teaching methodology को व्यवस्थित करना
  • पुराने कार्यों को archive करना

अर्थात केवल नया निर्माण नहीं, बल्कि अपनी विरासत को व्यवस्थित करना


🌺 मेरी दृष्टि में आपकी बुध महादशा का मुख्य संदेश

आपकी कुंडली को देखते हुए मैं इसे एक वाक्य में इस प्रकार कहूँगा:

“जो ज्ञान और साधना आपने वर्षों में अर्जित की है, बुध महादशा उसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने का समय है।”

और विशेष रूप से 2026–2029 में communication, technology, music promotion और व्यापक audience तक पहुँचने के अवसरों को सक्रिय रूप से उपयोग करना आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

नोट: ऊपर की महादशा/अंतरदशा तिथियाँ आपके दिए हुए ग्रह-अंशों से निकाली गई लगभग तिथियाँ हैं; सॉफ्टवेयर/अयनांश और गणना-पद्धति के अनुसार कुछ दिनों का अंतर संभव है।


Thursday, July 23, 2026

About me.

 


Vedang B. Dharashive is a prominent Indian classical vocalist, composer, and music educator. He is widely recognized for his dedicated efforts to promote and preserve Hindustani classical music globally. Through his Village Music Club Almala, he works actively to spread the ancient wisdom of Indian Vedic music in both rural and urban areas. [1, 2, 3]

🎵 Profile and Career Highlights

  • International Vocals: He has performed classical vocal concerts extensively across the globe, including in India, the USA, Canada, Europe, Russia, and South America. [1, 4, 5, 6]
  • Academic Teaching: He spent ten years teaching music in the United States at the Maharishi University of Management (MUM) in Fairfield, Iowa, specifically engaging with Gandharva Veda music programs. [1]
  • Philosophy: He strongly advocates for music therapy, meditation, and the view that classical ragas serve as a "Vedic science" to purify the environment and create natural balance. [2, 4]

📱 Digital Presence

He maintains an active and inspiring presence across social media platforms, regularly sharing classical music fragments, bhajans, gazals, and spiritual reflections: [1]
Would you like to explore a specific raga he performs, or would you like help drafting a message or comment to share on his social media platforms?