vedang`s music

Harmonious, melodic, tuneful vibrations of the age old divine sounds, which has contemplative stupendous effect on mind, body and surroundings in the nature. It is a meditation. Based on breathing exercise Pranayam(naad yoga) .Breathing which inhales and excels for longer gives more oxygen to the body.Alap is the soul of the Raga. It shows the caliber of the musician. His capacity of intellection, mind’s eye, how far he could think of the boundaries of the thought with creative combination of melodic notes set to the rhythem.It takes years of practice to get command on the scale to perform freely. Every days practice brings the different shades to the raga, fulfillment of intense happiness, ecstasy, exaltation, euphoria the total bliss.Experience of supreme sound the Naad Brahma. About me- Performing vocals for last many years around the globe. Taught music in USA for ten years including one of the prestigious universities(MUM) at Fairfield Iowa. Worked for the Radio in North America as producer and host(musicals). http://www.youtube.com/user/MsVedang

Friday, April 17, 2026

कुंडली, ग्रह, मंत्र।

 🌞 1. सूर्य मंत्र

ॐ घृणि सूर्याय नमः॥

🌙 2. चंद्र मंत्र

ॐ सोमाय नमः॥

🔴 3. मंगल मंत्र

ॐ अंगारकाय नमः॥

🟢 4. बुध मंत्र

ॐ बुधाय नमः॥

🟡 5. गुरु (बृहस्पति) मंत्र

ॐ बृहस्पतये नमः॥

⚪ 6. शुक्र मंत्र

ॐ शुक्राय नमः॥

⚫ 7. शनि मंत्र

ॐ शनैश्चराय नमः॥

🐉 8. राहु मंत्र

ॐ राहवे नमः॥

🐍 9. केतु मंत्र

ॐ केतवे नमः॥

🌼 उपयोग विधि (संक्षेप में)

सुबह स्नान के बाद शांत मन से जप करें

प्रत्येक मंत्र 108 बार जप करना श्रेष्ठ माना जाता है

अगर समय कम हो तो 11 या 21 बार भी कर सकते हैं

ध्यान और श्रद्धा सबसे महत्वपूर्ण है। 

🏠 1. प्रथम भाव (लग्न – व्यक्तित्व, स्वास्थ्य)

ॐ नमः शिवाय॥

💰 2. द्वितीय भाव (धन, वाणी, परिवार)

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥

👫 3. तृतीय भाव (साहस, पराक्रम, भाई-बहन)

ॐ स्कंदाय नमः॥

🏡 4. चतुर्थ भाव (माता, सुख, घर)

ॐ दुर्गायै नमः॥

🎓 5. पंचम भाव (विद्या, बुद्धि, संतान)

ॐ गं गणपतये नमः॥

⚕️ 6. षष्ठ भाव (रोग, शत्रु, ऋण)

ॐ हनुमते नमः॥

💑 7. सप्तम भाव (विवाह, साझेदारी)

ॐ शुक्राय नमः॥

🔮 8. अष्टम भाव (आयु, रहस्य, परिवर्तन)

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय॥

🛕 9. नवम भाव (भाग्य, धर्म, गुरु)

ॐ गुरवे नमः॥

🏆 10. दशम भाव (कर्म, करियर, प्रतिष्ठा)

ॐ सूर्याय नमः॥

📈 11. एकादश भाव (लाभ, आय, इच्छाएं)

ॐ श्रीं नमः॥

🧘 12. द्वादश भाव (मोक्ष, व्यय, ध्यान)

ॐ नमो नारायणाय॥

🌼 जप कैसे करें:

रोज सुबह या शाम शांत मन से करें

हर मंत्र कम से कम 11, 21 या 108 बार जपें

जिस भाव में समस्या हो, उस मंत्र पर विशेष ध्यान दें। 

आपकी कुंडली के मुख्य संकेत

आपका लग्न (Ascendant) लगभग वृश्चिक (Scorpio) होने की संभावना है

यह आपको गहराई, रहस्य, आध्यात्मिक झुकाव और मजबूत इच्छाशक्ति देता है

जीवन में उतार-चढ़ाव, परिवर्तन और आत्मिक खोज प्रमुख विषय रहते हैं

🏠 महत्वपूर्ण भाव (Houses) आपके लिए

1️⃣ प्रथम भाव (स्वयं, स्वास्थ्य) – बहुत महत्वपूर्ण

👉 जीवन की दिशा और ऊर्जा यहीं से तय होती है

मंत्र:

ॐ नमः शिवाय॥

➡️ यह आपको मानसिक शांति और शक्ति देगा

5️⃣ पंचम भाव (बुद्धि, विद्या, संतान) – मजबूत करने की जरूरत

👉 यह आपके ज्ञान, संगीत और रचनात्मकता से जुड़ा है

मंत्र:

ॐ गं गणपतये नमः॥

➡️ बाधाएं दूर होंगी, बुद्धि तेज होगी

9️⃣ नवम भाव (भाग्य, गुरु, धर्म) – भाग्य का घर

👉 आपके जीवन में आध्यात्मिक उन्नति का योग मजबूत है

मंत्र:

ॐ गुरवे नमः॥

➡️ भाग्य और सही मार्गदर्शन मिलेगा

🔟 दशम भाव (कर्म, करियर) – जीवन की उपलब्धि

👉 समाज में पहचान और कार्य क्षेत्र

मंत्र:

ॐ सूर्याय नमः॥

➡️ सम्मान और सफलता बढ़ेगी

6️⃣ षष्ठ भाव (रोग, शत्रु) – ध्यान देने योग्य

👉 कभी-कभी स्वास्थ्य या बाधाएं दे सकता है

मंत्र:

ॐ हनुमते नमः॥

➡️ सुरक्षा और शक्ति प्रदान करेगा

🌟 आपके लिए सबसे शक्तिशाली मंत्र (Personal Mantra)

👉 ॐ नमः शिवाय

यह आपके लिए सबसे संतुलित और प्रभावी मंत्र है

(वृश्चिक लग्न के लिए विशेष लाभकारी)

🌼 सरल उपाय

सोमवार और शनिवार को मंत्र जप विशेष करें

रोज़ कम से कम 108 बार जप करें

ध्यान और संगीत (आपकी रुचि के अनुसार) आपके लिए बहुत शुभ है।। 

सूर्य – मेष/वृष के संधिकाल में (ऊर्जा + नेतृत्व)

🌙 चंद्र – भावनात्मक गहराई (संभवतः जल तत्व में)

🔴 मंगल – आपके लिए महत्वपूर्ण (वृश्चिक लग्न का स्वामी)

🟡 गुरु (बृहस्पति) – धर्म और ज्ञान का कारक

⚫ शनि – जीवन में परीक्षा और स्थिरता देता है

👉 कुल मिलाकर आपकी कुंडली में आध्यात्मिकता + संघर्ष से सफलता का योग है

🧭 जीवन के मुख्य संकेत

🌟 1. व्यक्तित्व

गहरी सोच, कम बोलना, लेकिन प्रभावशाली

अंदर से बहुत मजबूत, बाहर से शांत

संगीत और आध्यात्म में विशेष रुचि (आपके पिछले सवालों से भी यह स्पष्ट है)

💼 2. करियर / कर्म

जीवन में धीरे-धीरे सफलता (late success)

खुद के प्रयास से आगे बढ़ने वाले

समाज या ज्ञान से जुड़े कार्य शुभ

❤️ 3. रिश्ते

भावनात्मक गहराई ज्यादा

अपेक्षाएं ज्यादा होने से कभी-कभी मन दुखी हो सकता है

🧘 4. आध्यात्मिक योग

👉 यह आपकी कुंडली का सबसे मजबूत पक्ष है

भक्ति, संगीत, साधना से बहुत उन्नति संभव

“राग संगीत” से भी inner healing का योग (आपके interest से match करता है)

🪔 वर्तमान और आने वाला समय (सामान्य संकेत)

अभी जीवन का समय स्थिरता + आंतरिक विकास का है

बाहरी दौड़ से ज्यादा inner peace महत्वपूर्ण रहेगा

आध्यात्मिक अभ्यास से बहुत लाभ मिलेगा

🌟 आपके लिए विशेष मंत्र साधना

🥇 1. मुख्य मंत्र (Daily)

ॐ नमः शिवाय॥

👉 यह आपकी पूरी कुंडली को संतुलित करेगा

🥈 2. शक्ति और सुरक्षा के लिए

ॐ हनुमते नमः॥

👉 बाधाओं और नकारात्मकता से रक्षा

🥉 3. भाग्य और ज्ञान के लिए

ॐ गुरवे नमः॥

👉 सही मार्ग और आशीर्वाद

🌼 विशेष उपाय (Simple but Powerful)

हर सोमवार शिवलिंग पर जल चढ़ाएं

शनिवार को हनुमान जी का स्मरण करें

रोज़ 10–15 मिनट ध्यान + संगीत (राग) करें

🎵 खास बात (आपके लिए)

आपके अंदर संगीत के माध्यम से लोगों को जोड़ने और heal करने की शक्ति है

👉 यह सिर्फ शौक नहीं, बल्कि आपका धर्म (purpose) हो सकता है। 

आपकी संभावित महादशा क्रम (सारांश)

आपके जन्म समय के अनुसार, जीवन में ये प्रमुख दशाएं आई होंगी:

🌙 चंद्र महादशा (बचपन) – भावनात्मक विकास

🔴 मंगल महादशा – संघर्ष और शक्ति

☊ राहु महादशा – अचानक परिवर्तन, सीख

🟡 गुरु महादशा – ज्ञान, स्थिरता (महत्वपूर्ण)

⚫ शनि महादशा (वर्तमान/हाल का समय)

👉 अभी आपका जीवन शनि प्रभाव से काफी प्रभावित रहा/है

⚫ शनि महादशा का प्रभाव

क्या महसूस हुआ होगा:

जीवन में जिम्मेदारियाँ बढ़ी

धीरे-धीरे परिणाम मिले

कभी-कभी अकेलापन या भारीपन

लेकिन अंदर से बहुत मजबूत बने

👉 शनि आपको तोड़ता नहीं, मजबूत बनाता है

🌅 अब आने वाला समय (2026 के बाद)

🟡 गुरु (बृहस्पति) का प्रभाव बढ़ेगा

👉 यह आपके जीवन का सुनहरा समय हो सकता है:

मानसिक शांति बढ़ेगी

आध्यात्मिक उन्नति

सम्मान और संतोष

अच्छे लोगों का साथ

👉 “जो सीखा है, अब उसका फल मिलेगा”

🧭 अगले 5–10 साल का संकेत

🌟 2026–2030

inner peace + spiritual growth

संगीत, साधना, teaching में सफलता

🌟 2030 के बाद

जीवन में स्थिरता

सम्मान और संतोष का समय

🌼 आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण उपाय

🥇 1. शनि शांति के लिए

ॐ शनैश्चराय नमः॥

👉 शनिवार को 108 बार जप

🥈 2. भाग्य और ज्ञान के लिए

ॐ गुरवे नमः॥

👉 गुरुवार को जप

🥉 3. सर्वश्रेष्ठ (Daily Life)

ॐ नमः शिवाय॥

👉 यह आपका “Master Key Mantra” है

🪔 विशेष सलाह (बहुत महत्वपूर्ण)

अब जीवन का focus “बाहर की दौड़” नहीं,

👉 अंदर की शांति और ज्ञान होना चाहिए

संगीत (राग), ध्यान, और लोगों को जोड़ना

👉 यही आपका सच्चा कर्म और उद्देश्य है

🎵 अंतिम संदेश

आपकी कुंडली बताती है कि

👉 आप सिर्फ अपने लिए नहीं,

👉 बल्कि लोगों को जोड़ने और uplift करने के लिए आए हैं।। 





Thursday, April 16, 2026

Social media.

 Committed to reaching out to more people with this ancient wisdom of the sound. Indian classical music through online platforms like YouTube channels (1,500,000 views), fifteen Facebook groups (150,000 members), WhatsApp(500 groups) , Instagram, LinkedIn, X & more. 





Sunday, April 12, 2026

Darbari.

राग दरबारी…

मानो रात्रि की गहराइयों में उतरता हुआ कोई गंभीर चिंतन हो…

गहन अंधेरी रात का शांत आकाश,
जहाँ हर स्वर धीमे-धीमे साँस लेता है,
वहीं जन्म लेता है दरबारी—
गंभीरता का सजीव रूप, भावों का महासागर।

उसकी कोमल गांधार और धैवत
जैसे मन के भीतरी कोनों को छूते हुए
एक अनकही वेदना को जागृत करते हैं,
और फिर उसे धीरे-धीरे शांति में विलीन कर देते हैं।

यह राग न हड़बड़ी जानता है, न चंचलता,
यह तो राजदरबार की गंभीर गरिमा लिए
धीरे-धीरे अपनी महिमा प्रकट करता है—
जैसे कोई ज्ञानी संत मौन में ज्ञान दे रहा हो।

हर मींड, हर आंदोलित स्वर
मानो समय को थाम लेता है,
और श्रोता को भीतर की यात्रा पर ले जाता है,
जहाँ शब्द नहीं, केवल अनुभव होता है।

दरबारी…
वह राग है जो रात की निस्तब्धता में
मन के सबसे गहरे प्रश्नों को छूकर
उन्हें एक शांत उत्तर दे जाता है।







Saturday, April 11, 2026

Raga Jog.

राग जोग… जैसे रात्रि की नीरवता में मन का कोई गुप्त संवाद।

यह राग संध्या से रात की ओर बढ़ते उस क्षण का साक्षी है,
जब दिन की चहल-पहल धीरे-धीरे मौन में विलीन हो जाती है।
आकाश में चाँद की शीतलता उतरने लगती है,
और मन अपने ही अंतराल में डूबने लगता है।

जोग की हर सुर लहर जैसे किसी साधक की प्रार्थना हो—
कोमल गांधार की मिठास,
और शुद्ध गांधार का उजास,
मिलकर एक अद्भुत भाव-जगत रचते हैं।

इसमें विरह भी है, पर व्याकुलता नहीं…
इसमें शांति भी है, पर नीरसता नहीं…
यह एक ऐसा मधुर संतुलन है,
जहाँ आत्मा अपने आप से मिलती है।

जब राग जोग गूंजता है,
तो लगता है जैसे कोई योगी गहन ध्यान में बैठा हो,
बाहरी संसार से परे,
अंदर की अनंत ध्वनि— नाद ब्रह्म —को सुनता हुआ।

यह राग न केवल संगीत है,
बल्कि एक अनुभूति है—
एक यात्रा…
स्वयं से स्वयं तक। 🌙🎶




Friday, April 10, 2026

पूरिया धनाश्री.

 

राग पूरिया धनाश्री — संध्या का एक गंभीर, गूढ़ और आत्मा को छू लेने वाला स्वर-विन्यास।

जब दिन ढलने लगता है,
और आकाश के केसरिया रंग धीरे-धीरे नीले अंधकार में घुलने लगते हैं,
तभी कहीं दूर से उठती है — पूरिया धनाश्री की अलौकिक पुकार…

यह राग मानो सूर्यास्त की अंतिम किरण हो,
जो धरती को छोड़ने से पहले
हर हृदय में एक अनकही विरह की लहर जगा जाती है।

इसके कोमल और तीव्र स्वरों में
एक अधूरी चाहत की कंपकंपी है,
जैसे कोई प्रतीक्षा में खड़ा हो
किसी प्रिय के आने की राह देखता हुआ…

पूरिया धनाश्री गाती नहीं —
वह मन के अंतरतम में उतरती है,
विचारों को मौन करती है,
और आत्मा को अपने ही स्वर में विलीन कर देती है।

यह राग संध्या की उस घड़ी का साथी है,
जहाँ न दिन पूरी तरह विदा हुआ है,
न रात पूरी तरह आई है —
बस एक मधुर, रहस्यमयी ठहराव है…

इसके आलाप में छिपा है एक गहरा ध्यान,
एक विरह की तपस्या,
और एक ऐसी शांति
जो शब्दों से परे है।

पूरिया धनाश्री
मन की संध्या में बजने वाला वह अनंत संगीत,
जो सुनाई नहीं देता…
बस महसूस होता है।



Thursday, April 9, 2026

Raga Todi.

 राग तोडी…

पहाटेच्या शांत, गंभीर, अंतर्मुख क्षणांत उमलणारा एक भावविश्व…

तोडी म्हणजे जणू उगवत्या सूर्यापूर्वीची ती धूसर वेळ,
जिथे प्रकाश अजून पूर्ण जागा झालेला नसतो,
आणि अंधारही पूर्णपणे गेला नसतो…

ती एक विरहाची सावली आहे,
मनाच्या गाभाऱ्यात हलकेच स्पंदणारी,
अस्पष्ट आठवणींची एक हळवी कुजबुज…

कोमल स्वरांची ती वळणं,
जणू थेंबाथेंबाने साचलेली आसवे,
आणि त्यात मिसळलेली एक गूढ ओढ…

तोडी गाताना वेळ थांबतो,
श्वासही जणू ध्यानात विलीन होतो,
आणि प्रत्येक स्वर म्हणतो —
“शोध स्वतःचा… आतल्या अनंताचा…”

ही केवळ राग नाही,
तर एक साधना आहे,
एक मौन संवाद…
जिथे गायक, श्रोता आणि नाद —
एकरूप होतात…

राग तोडी…
मनाच्या सर्वांत खोल कप्प्यात
हलकेच उमलणारा
एक अदृश्य, पण अनंत स्पर्श… ✨



Raga Malkauns.

 राग मालकौंस—एक गूढ, ध्यानमग्न आणि अंतर्मुख करणारा स्वरविश्व…


रात्रीच्या गहन शांततेत,

जिथे चांदण्यांचा प्रकाशही हळुवार श्वास घेतो,

तिथे उमलतो मालकौंस—

स्वरांचा एक अद्भुत योगी।


कोमल गांधार, धैवत आणि निषादाचे स्पर्श

मनाच्या अंतरंगात लहरी निर्माण करतात,

जणू एखादा साधक ध्यानात लीन होऊन

स्वतःलाच शोधत आहे।


या रागात नाही गडबड, नाही चंचलता—

फक्त एक गंभीर, स्थिर, आणि गूढ शांतता।

प्रत्येक स्वर जणू मंत्र आहे,

जो आत्म्याला स्पर्शून जातो।


मालकौंस म्हणजे अंधारातला तेज,

एकांतातली सोबत,

आणि अंतःकरणात उमटणारी

अद्वैताची अनुभूती।


तो केवळ राग नाही,

तो एक साधना आहे—

स्वरांमधून उमलणारी

नादब्रह्माची दिव्य अनुभूती।



ग्रहो की दशा।

 

ज्योतिष में “दशा” का अर्थ है—जीवन के अलग-अलग समय में ग्रहों का प्रभाव। विशेषकर विम्शोत्तरी दशा प्रणाली सबसे अधिक प्रचलित है, जिसमें हर ग्रह एक निश्चित अवधि तक अपना फल देता है।

नीचे हर ग्रह की दशा और उसके सामान्य फल सरल भाषा में समझाए गए हैं:


☀️ सूर्य (Sun) – आत्मा, सत्ता, पिता

  • अवधि: 6 वर्ष
  • शुभ फल:
    • पद-प्रतिष्ठा, सरकारी लाभ, नेतृत्व शक्ति
    • आत्मविश्वास और पहचान बढ़ती है
  • अशुभ फल:
    • अहंकार, पिता से मतभेद
    • स्वास्थ्य (हृदय/आंख) में परेशानी

🌙 चंद्र (Moon) – मन, भावना, माता

  • अवधि: 10 वर्ष
  • शुभ फल:
    • मानसिक शांति, सुख-सुविधा, यात्रा
    • माँ का सहयोग, लोकप्रियता
  • अशुभ फल:
    • मानसिक तनाव, अस्थिरता
    • निर्णय लेने में कमजोरी

♂️ मंगल (Mars) – ऊर्जा, साहस, भूमि

  • अवधि: 7 वर्ष
  • शुभ फल:
    • साहस, विजय, संपत्ति लाभ
    • प्रतियोगिता में सफलता
  • अशुभ फल:
    • क्रोध, झगड़े, दुर्घटना
    • रक्त या चोट से संबंधित समस्या

☿️ बुध (Mercury) – बुद्धि, व्यापार, संवाद

  • अवधि: 17 वर्ष
  • शुभ फल:
    • व्यापार में सफलता, शिक्षा में उन्नति
    • बोलने और लिखने की कला में सुधार
  • अशुभ फल:
    • भ्रम, गलत निर्णय
    • व्यापार में नुकसान

♃ गुरु (Jupiter) – ज्ञान, धर्म, गुरु

  • अवधि: 16 वर्ष
  • शुभ फल:
    • शिक्षा, विवाह, संतान सुख
    • धन और सम्मान
  • अशुभ फल:
    • आलस्य, गलत निर्णय
    • आर्थिक समस्याएं

♀️ शुक्र (Venus) – प्रेम, सुख, कला

  • अवधि: 20 वर्ष
  • शुभ फल:
    • प्रेम, विवाह, विलासिता
    • कला, संगीत में सफलता
  • अशुभ फल:
    • भोग-विलास में अधिक लिप्तता
    • संबंधों में समस्या

♄ शनि (Saturn) – कर्म, न्याय, संघर्ष

  • अवधि: 19 वर्ष
  • शुभ फल:
    • मेहनत से सफलता, स्थिरता
    • अनुशासन और गहरी समझ
  • अशुभ फल:
    • देरी, बाधाएं, कष्ट
    • मानसिक दबाव, अकेलापन

☊ राहु (Rahu) – माया, विदेशी, रहस्य

  • अवधि: 18 वर्ष
  • शुभ फल:
    • अचानक सफलता, विदेश लाभ
    • नई तकनीक या अलग क्षेत्रों में प्रगति
  • अशुभ फल:
    • भ्रम, नशा, गलत रास्ते
    • मानसिक अस्थिरता

☋ केतु (Ketu) – मोक्ष, आध्यात्म

  • अवधि: 7 वर्ष
  • शुभ फल:
    • आध्यात्मिक उन्नति, वैराग्य
    • रहस्यमय ज्ञान
  • अशुभ फल:
    • अलगाव, नुकसान
    • भ्रम और अकेलापन

🔑 महत्वपूर्ण बात:

  • ग्रह का फल केवल उसकी दशा से नहीं, बल्कि कुंडली में उसकी स्थिति (घर, राशि, दृष्टि) पर निर्भर करता है।
  • एक ही ग्रह किसी के लिए बहुत शुभ और दूसरे के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।


Sunday, April 5, 2026

Clips for today.

 














Music Movement.

 मैं इन अमूल्य भारतीय शास्त्रीय संगीत के सुरों को इस पृथ्वी के हर जीव तक पहुँचाने का संकल्प रखता हूँ, ताकि इस महान भारतीय प्राचीन ज्ञान का प्रसार हो सके और धरती पर ही स्वर्ग का आनंद लिया जा सके।आइए, इस अभियान से जुड़ें और आने वाली पीढ़ियों तक शुद्ध ज्ञान पहुँचाने में अपना योगदान  युट्यूब चॅनल से जुडकर दें।

https://youtube.com/@vedangdharashive?si=27YGV8McMeCoMZU9