Village Music Club Almala -Vedang Dharashive. Indian Classical Music.
Blog is about Music,Meditation and Yoga. I have plan to take these precious melodies to each and every creature of this planate, to propagate this enormous Indian Vedic wisdom to enjoy heaven on earth.Please join the blog for the great cause to contribute pure knowledge to generation to come.
vedang`s music
Wednesday, June 17, 2026
Concert from 1996.
Before sunrise, amidst the stillness of a winter morning, music arose from the open land. As the golden sun appeared on the horizon, the singing continued, filling the atmosphere with warmth, devotion, and joy. A rare and unforgettable experience, marking the warm-up ceremony of the place. Shared with Bayarn and Nola from Boise, USA—followers of Transcendental Meditation and Indian Vedic wisdom."
Vedang B. Dharashive
Village Music Club Almala
Sunday, June 14, 2026
Music quote.
स्वर ही प्राण हैं, प्राण ही जीवन हैं।
संगीत, साधना और श्वास का समन्वय ही दीर्घायु का पथ है।"
— Vedang B. Dharashive
Village Music Club, Almala 🌺🎶🙏
Musical Thought.
"Every day's practice reveals new shades of the raga, leading the seeker from happiness to ecstasy, from exaltation to euphoria, and finally to the supreme bliss of Naad Brahma."
Wishing you continued success in your musical journey and in your wonderful work with Village Music Club, Almala.
🎵 रियाज़ ही साधना है, साधना ही आनंद है, और आनंद ही नाद ब्रह्म है। 🎵
Saturday, June 13, 2026
Swami Haridas.
स्वामी हरिदास
(काव्यात्मक परिचय)
भक्ति, संगीत और साधना के अनुपम संगम थे स्वामी हरिदास।
वे केवल एक संत नहीं, बल्कि सुरों के ऐसे साधक थे,
जिनकी वाणी में प्रेम का माधुर्य और आत्मा में श्रीकृष्ण का वास था।
वृंदावन की पावन भूमि पर उन्होंने भक्ति के दीप जलाए,
रागों की मधुर सरिता बहाई और संगीत को ईश्वर की आराधना बनाया।
उनके स्वरों में ऐसी दिव्यता थी कि मन स्वतः ही ध्यानमग्न हो जाता,
और हृदय श्रीकृष्ण की प्रेम-रस धारा में बह निकलता।
ध्रुपद गायन के महान आचार्य स्वामी हरिदास ने
संगीत को केवल कला नहीं, बल्कि साधना का पवित्र मार्ग माना।
उनकी शिष्य परंपरा में महान गायक तानसेन का नाम विशेष रूप से स्मरण किया जाता है,
जिन्होंने अपने गुरु के ज्ञान और आशीर्वाद से संगीत-जगत को आलोकित किया।
उनकी रचनाओं में भक्ति का अमृत, प्रेम का संदेश और आत्मिक शांति का प्रकाश झलकता है।
आज भी जब उनके पद गूंजते हैं, तो ऐसा प्रतीत होता है मानो
वृंदावन की कुंज-गलियों में स्वयं श्रीकृष्ण की बांसुरी मधुर स्वर बिखेर रही हो।
स्वामी हरिदास—
एक नाम नहीं, बल्कि भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक चेतना का अमर स्वर है,
जो युगों-युगों तक साधकों और संगीत प्रेमियों को प्रेरणा देता रहेगा।
वेदांग बी. धाराशिवे
ग्राम संगीत सभा, आलमला 🎵🌸🙏
Friday, June 12, 2026
Tansen.
तानसेन
स्वरों के सम्राट, रागों के जादूगर,
तानसेन भारतीय संगीताकाश के वह ध्रुवतारा थे,
जिनकी मधुर वाणी में प्रकृति स्वयं गुनगुनाती थी।
ध्रुपद की गंभीरता और रागों की दिव्यता से अलंकृत,
उनका गायन केवल संगीत नहीं, एक अलौकिक अनुभव था।
कहा जाता है कि उनके स्वरों की शक्ति से
वन्य पशु शांत हो जाते थे,
दीपक राग से दीप प्रज्वलित हो उठते थे,
और मेघ मल्हार से आकाश वर्षा बरसाता था।
उनकी स्वर-लहरियाँ कभी सिंह की गर्जना बन गूँजतीं,
तो कभी पक्षियों की मधुर चहचहाहट में ढल जातीं।
तानसेन केवल एक गायक नहीं थे,
वे संगीत की उस दिव्य परंपरा के अमर प्रतीक हैं
जिसकी प्रतिध्वनि आज भी भारतीय शास्त्रीय संगीत में सुनाई देती है।
— Vedang B. Dharashive
Village Music Club, Almala 🎶🌺
Saturday, June 6, 2026
Today's thought.
"बड़े सपने देखिए, क्योंकि रचनात्मकता की उड़ान की कोई सीमा नहीं होती।
विचारों को आकार दीजिए, कल्पनाओं को साकार कीजिए, और नज़रों को नज़ारों में बदलिए।
संगीत और कला का संसार अनंत है—जहाँ हर नया स्वप्न एक नई सृष्टि का जन्म देता है।"
— Vedang B. Dharashive
Village Music Club Almala






















































